धनतेरस रूप चौदस दीपावली की विस्तार से पूजन कर्म क़ब कैसे करे माँ लक्ष्मी की कृपा कैसे प्राप्त करे

…. हेमन्त गर्ग………

धनतेरस – 6 नवंबर 2026, शुक्रवार

कार्तिक कृष्ण पक्ष त्रयोदशी

पूजन, खरीदारी एवं दीपदान के शुभ मुहूर्त।

स्थिर लग्न मुहूर्त

* वृश्चिक लग्न – सुबह 7:26 से सुबह 9:42 तक।

* कुंभ लग्न – दोपहर 1:36 से दोपहर 3:06 तक।

* वृषभ लग्न – शाम 6:18 से रात 8:15 तक।

चौघड़िया मुहूर्त

* लाभ – सुबह 8:00 से सुबह 9:23 तक।

* अमृत – सुबह 9:24 से सुबह 10:47 तक।

* शुभ – दोपहर 12:10 से दोपहर 1:35 तक।

अन्य शुभ मुहूर्त

* अभिजित मुहूर्त – दोपहर 11:49 से दोपहर 12:34 तक।

* विजय मुहूर्त – दोपहर 2:03 से दोपहर 2:48 तक।

* गोधूलि मुहूर्त – शाम 5:38 से शाम 6:02 तक।

दीपदान संबंधी निर्देश

आटे के निर्मित पांचमुखी दीपक तिल के तेल, शुद्ध गोघृत या मूंगफली तेल से भरें। सदैव के निमित्त घर के बाहर दक्षिण दिशा में दीपदान अवश्य करें। दीपक के नीचे भस्म अथवा चावल रखें। यह दीपक धनतेरस से दीपावली तक लगाने से विशेष लाभ होता है।

 

### 2\. रूप चतुर्दशी – 7 नवंबर 2026, शनिवार

कार्तिक कृष्ण पक्ष चतुर्दशी

अभ्यंग स्नान एवं देवपूजन मुहूर्त

सुबह 5:45 से सुबह 7:22 तक।

स्थिर लग्न मुहूर्त

* वृश्चिक लग्न – सुबह 7:22 से सुबह 9:38 तक।

* कुंभ लग्न – दोपहर 1:30 से दोपहर 3:02 तक।

* वृषभ लग्न – शाम 6:13 से रात 8:11 तक।

चौघड़िया मुहूर्त

* शुभ – सुबह 8:00 से सुबह 9:23 तक।

* लाभ – दोपहर 1:34 से दोपहर 2:57 तक।

* अमृत – दोपहर 2:57 से दोपहर 4:21 तक।

* चर – शाम 5:44 से शाम 7:21 तक।

आगम उपदेश अनुसार तंत्र साधकों के लिए महानिशा काल पूजन मुहूर्त

रात 11:38 से रात 12:31 तक।

अपनी कुलपरम्परा, गुरु परम्परा अनुसार पूजन, पाठ, जाप, हवन आदि करें।

अपने क्षेत्र के विद्वान ब्राह्मणों से गणपति अथर्वशीर्ष, विष्णुसहस्रनाम, गोपाल सहस्रनाम, कनकधारा स्तोत्र, रामरक्षास्तोत्र, श्री सूक्त के पाठ कराएं।

अंधविश्वास – टोने-टोटके में नहीं फंसे। बीज मंत्रों का जाप अपनी गुरु परम्परा या किसी साधक के दिशा निर्देश में ही करें।

### 3\. दीपावली महापर्व – 8 नवंबर 2026, रविवार

श्री गणेश एवं श्री महालक्ष्मी जी के पूजन के श्रेष्ठ मुहूर्त

स्थिर लग्न मुहूर्त

* वृश्चिक लग्न – सुबह 7:18 से सुबह 9:34 तक।

* कुंभ लग्न – दोपहर 1:26 से दोपहर 2:59 तक।

* वृषभ लग्न – शाम 6:09 से रात 8:07 तक।

* सिह लग्न – रात 12:37 से रात 2:49 तक।

चौघड़िया मुहूर्त

* लाभ – सुबह 9:24 से सुबह 10:47 तक।

* अमृत – सुबह 10:47 से दोपहर 12:11 तक।

* शुभ – दोपहर 1:34 से दोपहर 2:57 तक।

* शुभ – शाम 5:44 से शाम 7:21 तक।

* चर – शाम 7:21 से रात 8:57 तक।

अन्य शुभ मुहूर्त

* अभिजित मुहूर्त – दोपहर 11:48 से दोपहर 12:33 तक।

* विजय मुहूर्त – दोपहर 2:02 से दोपहर 2:47 तक।

आगम उपदेश अनुसार तंत्र साधकों के लिए महानिशा काल काली पूजन मुहूर्त

रात 11:45 से रात 12:36 तक।

अपनी कुलपरम्परा, गुरु परम्परा के अनुसार पूजन, पाठ, जाप, हवन करें।

आप सभी को दीपावली महापर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।

आपका शुभचिंतक भाई

पं. कपिल शर्मा (काशी महाराज)