…. हेमन्त गर्ग……….जब कुछ नहीं मिले तो समझो की बहुत कुछ मिलने वाला है… – गोपाल कृष्ण जी
जब सारे रास्ते बंद हो जाए अपने भी पराए जैसा व्यवहार करने लगे सारे रास्ते बंद हो जाए और कहीं से कुछ ना मिले तो समझ लो कि अब बहुत कुछ मिलने वाला है।
यह उद्गार राष्ट्रीय संत परम पूज्य गोपाल कृष्ण महाराज ने सत्यनारायण महिला मंडल द्वारा सेंधवा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के समापन दिवस पर व्यक्त किये ।
अपनी औज पूर्ण गंभीर शैली में पूज्य श्री ने कहा कि सुदामा जी की कथा से हमें यही प्रेरणा लेनी है कि जब सारे रास्ते बंद हो जाते हैं तब परमात्मा के पास पहुंचने का रास्ता खुलता है और जब कुछ नहीं मिलता है तो फिर सब कुछ मिल जाता है।
आशीर्वाद कभी समाप्त नहीं होता है कभी कोई बड़ा बुजुर्ग कभी कोई आशीर्वाद देता है तो वह कभी समाप्त नहीं होता है जैसे सीता माता ने जामवनजी को दिया था आशीर्वाद की आप इंसान की तरह बोलोगे और सुनोगे जब अगला युग कृष्ण भगवान का आया था तब एक शेर को जामवंत जी ने मारा था उनके मुंह से एक मणि प्राप्त की थी उसे मणी को जब कृष्ण भगवान को बहुत ज्यादा आवश्यकता पड़ी थी तो जामवंत जी ने वह मणी देने से कृष्ण भगवान को इनकार कर दिया था कि मैं यह मणी नहीं दूंगा चाहे आप मुझे मार दो आप मुझे मार दोगे तभी यह मणि प्राप्त कर सकते हो लेकिन सीता माता के आशीर्वाद से कृष्ण भगवान उन्हें नहीं मार सकते थे और वह उन्हें मारना भी नहीं चाहते थे कि मैं जामवंत जी का वध करूं लेकिन कृष्ण भगवान को मणि की बहुत आवश्यकता थी कृष्ण भगवान के ऊपर बड़ी चोरी का आरोप लगा था यह मणी ले ले या फिर मेरी बेटी जामवंती से विवाह कर ले कृष्ण भगवान जामवंती से विवाह करने के लिए तैयार हो गए और दहेज के रूप में जामवंती के साथ में वह मणी ले ली और वह मणी पजामा को विवाह कर अपने साथ ले गए
मां बाप का दिल का टुकड़ा होते हैं बेटे बेटियां अगर मैं बेटा अपनी चमड़ी कि जुतीया बनाकर अपने पिताजी के पेरो मे पहनाये तो वह भी बहुत कम है कभी अपने मां-बाप को यहां मत कहना कि क्या किया आपने हमारे लिये बेटे बिटिया यह सुन ले की मां-बाप आपको इस दुनिया में लाए हैं 9 महीने आपकी कोख में रखा है प्रसव पीड़ा सहन सहन करी उनके द्वारा ऐसा कोई काम मत करना जिससे मां बाप के सिर शर्म से झुक जाए वह मां-बाप अपनी बेटियों के लिए हमेशा यही चाहते हैं कि बाबुल की दुआएं लेती जा सुखी रहे तेरा संसार पिता कैसा भी हो अपने बेटे बेटियों के लिए भगवान बराबर होता है
कथा के अंत में सत्यनारायण महिला मंडल ने आकाश जल गंगा द्वारा पानी एवं चेतन जी मंगल द्वारा गुरुजी के ठहरने के लिए निस्वार्थ मकान घर और अमोल भाई के लिए टेंट योगेश भाई द्वारा साउंड सिस्टम मंडी समिति द्वारा मंडी सेड बिजली विभाग द्वारा बिजली पुलिस द्वारा कलश यात्रा में व भागवत कथा के 7 दिन में पुलिस ड्यूटी पत्रकार बंधुओ द्वारा लगातार पूरी भागवत कथा में निस्वार्थ पूरी कथा की न्यूज़ व नगर पालिका परिषद द्वारा साफ सफाई वह पानी के टैंकर के लिए व कमलेश जी गुप्ता द्वारा लगातार 7 दिनों तक निस्वार्थ गुरु जी के को लाने ले जाने में गाड़ी से अहम भूमिका निभाई इन सभी के लिए महिला मंडल ने बहुत-बहुत आभार माना