भ्रष्टाचार और मौतों के खिलाफ प्रशासन को चेतावनी

…. हेमन्त गर्ग………..
​पाटी थाने पर सर्व आदिवासी समाज का प्रचंड प्रदर्शन: EMRS स्कूलों में हो रही घोर प्रशासनिक लापरवाही, भ्रष्टाचार और मौतों के खिलाफ प्रशासन को चेतावनी
​बड़वानी / पाटी
आज पाटी थाने पर सर्व आदिवासी समाज, जयस और मध्यप्रदेश आदिवासी विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल विरोध प्रदर्शन एवं थाना घेराव किया गया। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS) पाटी की कक्षा 11वीं की छात्रा बिंदु (पिता खुमसिंह, निवासी वेदपुरी) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत, साक्ष्यों से छेड़छाड़, परिजनों के साथ दुर्व्यवहार तथा EMRS निवाली में सामने आए गंभीर मामलों को लेकर सैकड़ों समाजजनों ने हुंकार भरी।
​राहुल सोलंकी का जिला प्रशासन पर तीखा हमला: “पक्षपात, भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी चरम पर”
​प्रदर्शन को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश आदिवासी विकास परिषद (युवा प्रभाग) के बड़वानी जिलाध्यक्ष राहुल सोलंकी ने जिला प्रशासन और जिला कलेक्टर बड़वानी की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए और जमकर निशाना साधा।
​राहुल सोलंकी ने दो टूक शब्दों में कहा:
​”विगत 15-20 दिनों पूर्व सेंधवा के कन्या शाला में छत का प्लास्टर का छोटा सा टुकड़ा गिरने से दो छात्राओं को मामूली चोट आई थी, तो जिला कलेक्टर मैडम ने तत्काल प्रभाव से प्रिंसिपल को हटा दिया था। वहां तत्काल कार्रवाई इसलिए हुई क्योंकि प्रिंसिपल से कोई लेन-देन नहीं हुआ था।
​दूसरी तरफ, EMRS स्कूलों में सालाना करोड़ों रुपये का भारी-भरकम बजट आता है और इन स्कूलों की सर्वसर्वा तथा अध्यक्ष स्वयं जिला कलेक्टर होती हैं। पाटी/पुरुषखेड़ा स्थित EMRS में प्रशासनिक लापरवाही के कारण 2 छात्राओं की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या/मौत हो चुकी है। पोक्सो (POCSO) से जुड़े अति गंभीर मामले सामने आने के बावजूद आज तक न तो प्रिंसिपल को हटाया गया और न ही कलेक्टर मैडम पीड़ित परिवारों से मिलने आईं। सेंधवा में मामूली घटना पर तुरंत कार्रवाई और इतने बड़े गंभीर अपराधों पर चुप्पी… क्या मैडम को रिश्वत देकर मामलों को दबाने और दोषियों को बचाने का काम किया जा रहा है?”
​EMRS निवाली हॉस्टल का गंभीर पोक्सो (POCSO) मामला भी उजागर
​राहुल सोलंकी ने प्रमाणों का हवाला देते हुए खुलासा किया कि EMRS निवाली (पुरुषखेड़ा) बालिका छात्रावास में 10-11 जनवरी को 4 लड़के (लुषए बारकोले, लोकेश जमरे, लेदाराम जमरे, पर्वत सिसौदिया) अनाधिकृत रूप से घुसे थे। प्रिंसिपल अंकुर चतुर्वेदी द्वारा इस गंभीर पोक्सो मामले पर कानूनी FIR करवाने के बजाय परिजनों से केवल राजीनामा/माफीनामा लेकर मामले को रफा-दफा और दबा दिया गया।
​ज्ञापन में दर्ज प्रमुख मांगें:
​उच्चस्तरीय न्यायिक जांच: पूरे प्रकरण की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराकर वास्तविक कारणों को सार्वजनिक किया जाए।
​तत्काल निलंबन: जांच पूरी होने तक हॉस्टल वार्डन, EMRS प्रिंसिपल तथा पाटी थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया/निलंबित किया जाए।
​दोषियों पर FIR: पीड़ित परिवार को धमकाने, ‘तू-तड़ाक’ कर अभद्रता करने तथा कोरे कागजों पर जबरन हस्ताक्षर करवाने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज हो।
​मुआवजा व सुरक्षा: पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा एवं पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाए।
​8 दिन का अल्टीमेटम: पूरे जिले में होगा बड़ा आंदोलन
​मध्यप्रदेश आदिवासी विकास परिषद (युवा प्रभाग) के जिलाध्यक्ष राहुल सोलंकी ने चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया कि यदि 7 से 8 दिनों के भीतर दोनों हॉस्टल अधीक्षकों व प्रिंसिपलों को हटाकर संबंधित धाराओं व लापरवाही में FIR दर्ज नहीं की गई, तो यह आंदोलन केवल पाटी तक सीमित नहीं रहेगा। पूरे बड़वानी जिले में उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी बड़वानी जिला प्रशासन की होगी।
​प्रदर्शन में प्रमुख नेतृत्वकर्ता एवं समाजजन उपस्थित रहे:
​इस दौरान मध्यप्रदेश आदिवासी विकास परिषद (युवा प्रभाग) के जिलाध्यक्ष राहुल सोलंकी, मध्यप्रदेश जयस प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. राजू पटेल, जयस संभाग सचिव सतीश डोडवा, जयस जिला प्रभारी मुन्ना मोरे, मध्यप्रदेश NSUI से विजय सोलंकी, देव जमरे, पाटी जयस ब्लॉक अध्यक्ष भूपेंद्र बघेल, दलित जागृति संगठन से नारी नासरी बाई, बिलाती बाई सहित सैकड़ों की संख्या में समाजजन एवं युवा उपस्थित रहे।