शिक्षक भर्ती और रिक्त पदों को लेकर 5 अहम सवाल

📚 *शिक्षक भर्ती और रिक्त पदों को लेकर 5 अहम सवाल*

*अभ्यर्थियों की समस्याओं पर संवेदनशीलता जरूरी है, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में विषयवार आवश्यकता, आरक्षण, पदोन्नति और पात्रता के नियमों का भी पालन जरूरी है।*

🔹 1. विषयवार भर्ती का सवाल

सीधी भर्ती के अधिकांश रिक्त पद गणित एवं विज्ञान विषयों से संबंधित हैं। ऐसे पदों पर अन्य विषयों के अभ्यर्थियों की नियुक्ति की पात्रता कैसे बन सकती है?

 

🔹 2. बैकलॉग पदों का सवाल

SC/ST के पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में बैकलॉग पद रिक्त हैं। इन पदों पर अन्य प्रवर्ग के अभ्यर्थियों की नियुक्ति क्यों और कैसे की जा सकती है?

 

🔹 3. *59,000 पद पदोन्नति के उपलब्ध*, रिक्त पदों में लगभग 59,000 पद पदोन्नति के बताए जा रहे हैं। इन पदों को सेवारत शिक्षकों के पदोन्नति अधिकार को प्रभावित करते हुए सीधी भर्ती से कैसे भरा जा सकता है?

 

🔹 4. *चयन सूची में नाम ही नहीं*,आंदोलनकारी स्वयं को चयनित शिक्षक बता रहे हैं, लेकिन यदि नाम न चयन सूची में है और न प्रतीक्षा सूची में, तो नियुक्ति का दावा किस आधार पर किया जा सकता है?

 

🔹 5. *नई योग्यता प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी*,पिछले तीन वर्षों में बड़ी संख्या में नए अभ्यर्थियों ने आवश्यक शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यता प्राप्त की है। उन्हें नजरअंदाज कर पहले से अचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति की पात्रता कैसे दी जा सकती है?

 

*महत्वपूर्ण बात है ,समाधान संवेदनशीलता के साथ हो, लेकिन नियम, पात्रता, आरक्षण और सेवारत शिक्षकों के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए।*

2.

*शिक्षक भर्ती का मामला: रिक्त पदों की संख्या का गणित समझ लो, सब क्लियर हो जाएगा*

*भोपाल:* स्कूल शिक्षा विभाग में रिक्त पदों को भरने और नई शिक्षक भर्ती को लेकर लगातार मांगें उठाई जा रही हैं। अभ्यर्थियों की मांग को लेकर सोशल मीडिया पर संवेदनशील माहौल बनाया जा रहा है। जबकि वास्तविकता यह है कि यदि अभ्यर्थियों की मांग को स्वीकार कर दिया जाए तो भर्ती प्रक्रिया, नियमावली, आरक्षण व्यवस्था, विषयवार जरूरत और सेवारत शिक्षकों के अधिकार, सबका उल्लंघन हो जाएगा। वह ऐसी चीज मांग रहे हैं जो उनकी है ही नहीं, और उपलब्ध भी नहीं है।

*मामले को पॉइंट टू पॉइंट समझ लीजिए*

स्कूल शिक्षा विभाग की स्थिति के अनुसार, सीधी भर्ती के लिए उपलब्ध अधिकांश रिक्त पद गणित एवं विज्ञान विषयों से संबंधित हैं। नियमों के तहत इन विशेष विषयों के पदों पर अन्य विषयों (आर्ट एंड कॉमर्स) के अभ्यर्थियों को नियुक्ति की पात्रता नहीं दी जा सकती। इसके साथ ही, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध न हो पाने के कारण बैकलॉग के पद बड़ी संख्या में खाली पड़े हैं, जिन्हें नियमानुसार किसी अन्य वर्ग के उम्मीदवारों से नहीं भरा जा सकता। उपलब्ध कुल रिक्त पदों का एक बड़ा हिस्सा, जिसमें लगभग 59,000 पद शामिल हैं, पदोन्नति (Promotion) के लिए निर्धारित हैं। यदि इन पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से नहीं भरा जा सकता।

*प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी भ्रम फैला रहे हैं*

प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारी खुद को चयनित शिक्षक बता रहे हैं, जबकि वस्तुस्थिति यह है कि इनके नाम न तो चयन सूची में दर्ज हैं और न ही प्रतीक्षा सूची में। दूसरी तरफ, पिछले तीन वर्षों के दौरान बड़ी संख्या में नए अभ्यर्थियों ने आवश्यक शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यताएं हासिल कर ली हैं। ऐसे में योग्य नए अभ्यर्थियों को नजरअंदाज करके अचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग कोई भी स्वीकार नहीं कर सकता।