विश्व आदिवासी दिवस की तैयारियों को लेकर विशेष बैठक संपन्न

…. हेमन्त गर्ग………..ग्राम पंचायत झापडी पाडला में विश्व आदिवासी दिवस की तैयारियों को लेकर विशेष बैठक संपन्न: जल, जंगल, जमीन से बेदखली रोकने और सामाजिक कुरीतियों पर हुआ गहन मंथन

​सेंधवा / बड़वानी।

आगामी 9 अगस्त ‘विश्व आदिवासी दिवस’ को ऐतिहासिक, वैचारिक एवं भव्य रूप से मनाने के उद्देश्य से आज ग्राम पंचायत झापडी पाडला में एक महत्वपूर्ण तैयारी बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में झापडी पाडला, पलाशपानी, राजगड, पिल्यागोई, पाजरिया तथा कामोंद वाडा सहित आसपास के विभिन्न ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में समाजजन एवं युवा उपस्थित रहे।

​बैठक को संबोधित करते हुए जयस सेंधवा ब्लॉक अध्यक्ष एवं मध्य प्रदेश आदिवासी विकास परिषद (युवा प्रभाग) बड़वानी जिलाध्यक्ष राहुल सोलंकी ने कार्यक्रम की रूपरेखा और मुख्य उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक मोंटू सोलंकी के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि आगामी 9 अगस्त का आयोजन केवल एक सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों और अस्तित्व की रक्षा का शंखनाद है।

​जल, जंगल, जमीन से बेदखली रोकने पर विशेष रणनीति:

बैठक में जल, जंगल और जमीन पर हो रहे निरंतर अतिक्रमण एवं आदिवासियों को उनकी पारंपरिक भूमि से बेदखल करने की साजिशों पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। राहुल सोलंकी ने जोर देकर कहा कि बेदखली को रोकने के लिए समाज को कानूनी एवं रणनीतिक स्तर पर एकजुट होना होगा:

​पेसा कानून (PESA Act) और वन अधिकार अधिनियम (FRA 2006) का प्रभावी क्रियान्वयन: ग्राम सभाओं को सशक्त बनाकर सामुदायिक वन अधिकारों (Community Forest Rights) और व्यक्तिगत पट्टों के दावों को मजबूती से शासन के समक्ष रखा जाएगा।

​ग्राम सभा की अनुमति के बिना भूमि अधिग्रहण का विरोध: संविधान की 5वीं अनुसूची के तहत मिलने वाले अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाई जाएगी, ताकि किसी भी परियोजना के नाम पर आदिवासियों को उनकी पैतृक जमीन से बेदखल न किया जा सके।

​कानूनी मदद व जागरूकता अभियान: भूमि संबंधी विवादों और बेदखली के नोटिसों से निपटने के लिए युवाओं और वकीलों की टीम के माध्यम से पीड़ितों को तुरंत कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

​सामाजिक सुधार और दहेज प्रथा पर प्रहार:

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 9 अगस्त के मंच से समाज में फैली दहेज प्रथा जैसी फिजूलखर्ची और कुरीतियों को समाप्त करने के लिए ठोस निर्णय लिए जाएंगे, ताकि गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ न पड़े और समाज का सर्वांगीण विकास हो सके।

​इस अवसर पर शिवराम ठाकुर, छोटू जाधव, लक्की, मेंहताब ठाकुर, कांतिलाल सोलंकी, शांतिलाल तरोले, कृपाल दुदावे, कमल ठाकुर, सावन जाधव सहित क्षेत्र के अनेक वरिष्ठ समाजसेवी, बुद्धिजीवी एवं युवा साथी विशेष रूप से मौजूद रहे।

​बैठक के अंत में विधायक मोंटू सोलंकी एवं वरिष्ठों के आह्वान पर 9 अगस्त को होने वाले मुख्य महासम्मेलन में हजारों की संख्या में पहुंचने और कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया गया।