*900 एमएसएमई यूनिट को सीएम डॉ. मोहन ने दिए 360 करोड़, कहा- सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा एमपी*
– *भोपाल में आयोजित हुआ “समृद्ध एमएसएमई-विकसित मध्यप्रदेश” कार्यक्रम*
– *उद्यमियों को भूमि आवंटन के लिए प्रदान किए आशय पत्र*
– *पीएम मोदी के नेतृत्व में सफलता के नए कीर्तिमान गढ़ रहा देश*
– *विकसित भारत-2047 तक एक करोड़ पंजीकृत एमएसएमई इकाइयों का लक्ष्य*
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 जून को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित “समृद्ध एमएसएमई-विकसित मध्यप्रदेश” कार्यक्रम में मुख्य आतिथ्य के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया। इस मौके पर उन्होंने सिंगल क्लिक से 900 एमएसएमई यूनिट्स को 360 करोड़ की राशि प्रदान की। उन्होंने उद्यमियों को भूमि आवंटन के लिए आशय पत्र भी वितरित किए। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश स्टार्टअप पॉलिसी के अंतर्गत उद्यमियों को सहायता राशि के चेक सौंपे गए और मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के हितग्राहियों को ऋण राशि के चेक दिए गए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया में अलग आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है। उज्जैन में सिंहस्थ के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम सभी अमृत स्नान करेंगे। देश में ऐसा केंद्रीय नेतृत्व है, जो हर क्षेत्र में सफलता के नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। आज अमेरिका जैसा शक्तिशाली देश भी प्रधानमंत्री मोदी के आने का इंतजार करता है। हमने मुख्यमंत्री के रूप में गुजरात में उनके कार्यकाल को देखा है। देश के महान उद्योगपति स्व. रतन टाटा ने देशवासियों को एक लाख रुपए में कार देने का सपना देखा था। जब तत्कालीन पश्चिम बंगाल सरकार में उन्हें उद्योग स्थापित करने के लिए जमीन नहीं मिली तो उन्होंने गुजरात का रुख किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्यमियों से संवाद किया और प्रदेश में नए उद्योग स्थापित के लिए पूर्ण सहायता का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2047 तक एक करोड़ पंजीकृत एमएसएमई इकाइयों का लक्ष्य निर्धारित किया है। इससे प्रदेश में 2 करोड़ से अधिक लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।