…. हेमंत गर्ग…….चिलारिया उचित मूल्य दुकान मामले में जनप्रतिनिधियों का विरोध, उच्चस्तरीय जांच एवं दोषियों पर कार्रवाई की मांग
बड़वानी जिले की तहसील वरला अंतर्गत ग्राम चिलारिया में शासकीय उचित मूल्य की दुकान की सामग्री अवैध रूप से बेचे जाने के मामले को लेकर जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामवासियों ने कलेक्टर महोदय के नाम ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन श्रीमान तहसीलदार महोदय, तहसील कार्यालय वरला के माध्यम से दिया गया।
ज्ञापन में बताया गया कि दिनांक 12 फरवरी 2026 को ग्राम चिलारिया की शासकीय उचित मूल्य दुकान की सामग्री ग्राम केरमला के एक किराना दुकान में बेची जाती हुई पाई गई। हितग्राहियों द्वारा 100 नंबर डायल कर पुलिस को बुलाया गया, जिसके बाद अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर सामग्री जप्त की गई और पंचनामा भी बनाया गया, लेकिन अब तक संबंधित दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। जनप्रतिनिधियों ने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
ज्ञापन वाचन के दौरान नायब तहसीलदार श्री संतोष कोठारी उपस्थित थे। इस दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा सवाल-जवाब करने का प्रयास किया गया, तभी कार्यालय के अंदर से प्रभारी तहसीलदार डॉ. मनीष पांडे बाहर आए और तेज आवाज में कहा कि ज्ञापन ले लिया गया है, किसी प्रकार का जवाब देने की आवश्यकता नहीं है। आरोप है कि इसके बाद उन्होंने नायब तहसीलदार को अंदर ले जाकर जनप्रतिनिधियों का अपमान किया, जिससे उपस्थित जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण आक्रोशित हो गए।
नाराज जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने “तानाशाही नहीं चलेगी” के नारे लगाते हुए तहसील कार्यालय के चैनल गेट के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। लगभग 10 मिनट बाद जब तहसीलदार डॉ. पांडे कार्यालय से वाहन द्वारा बाहर जाने लगे तो उपस्थित लोगों ने वाहन रोककर जवाब की मांग की। तहसीलदार के वाहन से उतरकर बातचीत करने के बावजूद जनप्रतिनिधि असंतुष्ट रहे और उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता की समस्याओं को लेकर उनका रवैया ठीक नहीं है तथा बार-बार जनता का अपमान किया जाता है।
जनप्रतिनिधियों ने तत्काल कलेक्टर महोदय से फोन पर शिकायत करने का प्रयास किया, परंतु संपर्क नहीं हो पाने पर वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर मामले की शिकायत दर्ज कराई गई। साथ ही चेतावनी दी गई कि आवश्यकता पड़ने पर मुख्यमंत्री स्तर तक शिकायत की जाएगी तथा संबंधित अधिकारी को तत्काल हटाने की मांग भी उठाई गई।
इस दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों में पोरलाल खर्ते (राष्ट्रीय समन्वयक, अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस,पूर्व लोकसभा प्रत्याशी), सीताराम बर्डे ( जनपद उपाध्यक्ष सेंधवा), अनिल रावत (पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आदिवासी एकता परिषद), सीलदार सोलंकी (जिला अध्यक्ष किसान कांग्रेस बड़वानी), राकेश रावत (पूर्व विधायक प्रतिनिधि सेंधवा), सुमली बाई (कार्यकर्ता आमुस), राजेंद्र पटेल (सरपंच बढ़ियापानी), ओम पांडे (पूर्व सरपंच वरला), धर्म सिंह वास्कले (पूर्व सरपंच चिलारिया), रूपेश जैन, मेमाराम बर्डे, अटल बिहार (सरपंच कोलकी) सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए तथा हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए।