सेंधवा मव भागवत कथा रस वर्षण में तीसरे दिन कथा में श्रोताओं ने भक्ति का रस लुटा

….हेमन्त गर्ग………राधे-कृष्ण के भजनों से गूंजा कथा पंडाल, भागवत कथा के तीसरे दिन श्रीजी महाराज ने दिया सद्कर्म और भक्ति का संदेश
सेंधवा।
जगतगुरु निंबार्काचार्य श्री श्रीजी महाराज श्री श्यामशरण देवाचार्य के श्रीमुख से आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन की शुरुआत “राधे कृष्णा राधे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा राधे राधे…” के मधुर भजनों से हुई। भक्ति रस से सराबोर वातावरण में श्रद्धालु भाव-विभोर होकर कथा श्रवण में लीन नजर आए। जगन्नाथपुरी कॉलोनी में आयोजित कथा के दौरान श्रीजी महाराज ने कहा कि यह सेंधवा नगर सौभाग्यशाली है, जहां भगवान राजराजेश्वर की कृपा से भागवत कथा का आयोजन हो रहा है। यह वह नगर है जहां समय-समय पर संत-महात्माओं के चरण पड़ते रहे हैं। त्रिवेणी धाम के पूज्य संत नारायणदास जी महाराज जैसे महापुरुषों का आगमन इस नगर की आध्यात्मिक महत्ता को दर्शाता है। संतों के केवल दर्शन मात्र से ही पापों का नाश हो जाता है।
साधु और बिच्छू की कथा से दिया जीवन दर्शन श्री श्रीजी महाराज ने प्रवचन में कहा कि दुष्ट व्यक्ति अपना स्वभाव नहीं छोड़ता क्योंकि वह उसका संस्कार बन चुका होता है। इसे समझाने के लिए उन्होंने साधु और बिच्छू की प्रेरक कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि नदी किनारे तपस्या कर रहे एक साधु बार-बार डूबते बिच्छू को बाहर निकालते हैं, लेकिन बिच्छू हर बार डंक मार देता है। जब दूसरे साधु ने उन्हें रोकना चाहा तो उन्होंने कहा— “बिच्छू का स्वभाव डंक मारना है, यदि वह अपना स्वभाव नहीं छोड़ रहा तो मैं अपना करुणा और दया का स्वभाव क्यों छोड़ूं।” श्रीजी महाराज ने कहा कि इंसान को पापी के पाप से प्रभावित होकर स्वयं पापी नहीं बनना चाहिए। भक्ति में विश्वास और सद्कर्म का फल अवश्य मिलता है उन्होंने कहा कि संसार में कई ऐसे लोग हैं जो भगवान का स्मरण नहीं करते, फिर भी उन्हें भौतिक सुख-सुविधाएं प्राप्त होती हैं। वहीं कुछ भक्त दिन-रात प्रभु स्मरण, भजन-कीर्तन में लीन रहते हैं, फिर भी उनके जीवन में कष्ट आते हैं। ऐसे में भक्त को भगवान पर कभी संदेह नहीं करना चाहिए। सद्कर्मों का फल निश्चित रूप से मिलता है, भले ही समय लगे। डॉक्टर एसोसिएशन ने दी निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की सेवा हेतु डॉक्टर एसोसिएशन द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया। इसमें डॉ. नंदकिशोर राठौड़, डॉ. अतुल सेतिया एवं डॉ. आलोक सिंह ने श्रद्धालुओं का वजन, शुगर, बीपी एवं सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक दवाइयां वितरित कीं। समाजजनों ने की भागवत पोथी की पूजा । तीसरे दिन विभिन्न समाजों के गणमान्यजनों ने श्रीजी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त कर भागवत पोथी की पूजा-अर्चना की।
इस अवसर पर—नपा अध्यक्ष बसंती बाई यादव, संजय यादव, जितेंद्र यादव, अग्रवाल समाज से श्यामसुंदर तायल, कैलाश एरन, गिरधारी गोयल, राकेश एरन, राहुल गर्ग, सौरभ तायल, सुनील अग्रवाल, निलेश अग्रवाल, महेश गर्ग ब्राह्मण समाज से गिरवर शर्मा, बद्रीप्रसाद शर्मा, दामोदर शर्मा, राजेंद्र शर्मा दशोरा-गुप्ता समाज से पंकज गुप्ता, दामोदर गुप्ता, गजेंद्र गुप्ता, सचिन गुप्ता, कमलेश गुप्ता, सुनील गुप्ता, भूपेंद्र गुप्ता, मनोज गुप्ता सोनी समाज से महेश सोनी, सत्यनारायण सोनी, दिलीप काका सोनी, सुबोध सोनी, अजय सोनी, किरण सोनी राजपुर के पूर्व विधायक दीवानसिंह पटेल, राजू चौधरी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कथा स्थल पर श्रद्धा, भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। तीसरे दिन की कथा ने श्रद्धालुओं के हृदय में भक्ति, करुणा और सदाचार के भाव को और अधिक प्रगाढ़ कर दिया। रात साढ़े 8 बजे खाटू के श्यामजी के भजन कीर्तन के भजन संध्या का आयोजन किया गया है जिसमें पदमा साहू व शुभम राणा अपनी प्रस्तुति दी ।