शराब बेची तो खैर नहीं जुर्माना लगेगा बड़ा फैसला

….हेमन्त गर्ग…….पेसा एक्ट के मध्यम से गांव में शराब बेचने पर लगेगा जुर्माना।
जिले में पेसा कानून लागू होने के बाद राजपूर के गांव छोटी खरगोन ने लिया शराब बंदी का निर्णय।
मध्य प्रदेश में पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार अधिनियम) 2022 के तहत छोटे-मोटे विवादों का ग्राम सभा के माध्यम से निराकरण किया जा रहा है। गांव के हित में अब ग्राम सभा अहम निर्णय ले रही है। इसी के तहत बड़वानी जिले की राजपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत छोटी खरगोन में ग्राम सभा ने गांव के अंदर शराब बेचने पर 5000 रुपए का जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है। पेसा एक्ट लागू होने के बाद शराबबंदी का निर्णय लिया गया है ।
छोटी खरगोन के ग्राम सभा अध्यक्ष ने बताया कि, आज मंगलवार को पेसा एक्ट के तहत ग्राम सभा का आयोजन किया गया इसमें गांव की महिलाओं और पुरुषों ने एकजुट होकर गांव में शराबबंदी करने की आवाज उठाई इसके बाद ग्राम सभा में यह तय हुआ कि ग्राम में शराब बनाते पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति से ₹5000 का जुर्माना वसूला जाएगा। सरपंच ने बताया गांव के जिस घर में शादी विवाह जन्म उत्सव या पूजा होगी उसे पर गांव को ग्राम सभा में आकर जानकारी देना होगी इसके बाद उन्हें चार लीटर तक शराब का उपयोग करने की छूट दी जाएगी गांव में 400 परिवार रहते हैं, इस गांव की जितनी जिम्मेदारी एक ग्राम सभा सदस्यों को दी है, यह अपने-अपने वार्डों की निगरानी रखकर शराबबंदी को लागू करेंगे
लोगों को महुआ का काम बंद करने की दी हिदायत ग्राम सभा अध्यक्ष ने बताया छोटी खरगोन में महुआ की दुकानें हैं, इस गांव में परिवार में महुए से शराब बेचने के कारोबारों से जुड़ा हुआ है, इन सभी परिवारों को ग्राम सभा की बैठक में बुलाकर सख्त हिदायत दी गई । ग्राम सभा ने शराब बंदी का प्रस्ताव पारित किया है, जिससे महिलाएं खुश हैं । महिलाओं ने कहा शराब के कारण गांव में आए दिन विवाद होते थे शराब के कारण लोगों की असमय मृत्यु हो रही थी शराबबंदी होने से गांव में सुख शांति का वातावरण बनेगा। जिले में पेसा नियम लागू है, जो ग्राम सभा को स्व शासन का अधिकार देता है। अब ग्राम सभा अपने निर्णय स्वयं लेने लगी है, तथा अब ग्राम सभा के निर्णयों को शासन-प्रशासन स्तर से मान्यता मिली है मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बड़वानी सुश्री काजल जावला के मार्गदर्शन में जिले में अब तक 102 नवीन ग्राम सभाओं का गठन भी हुआ है और ग्रामीणों को उनके अधिकारों की जागरूकता के लिए कार्य भी किए जा रहे हम समय समय पर सभी पेसा सामन्व्यको की लगातार समीक्षा की जा रही है, साथ ही सभी विभागों को भी निर्देश दिए जा रहे है पेसा जिला समन्वयक प्रितम राज बड़ौले जिससे ग्राम सभा सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है। जिले में अबतक 102 से अधिक नवीन ग्राम सभाओं के गठन से सुदूर जनजातीय क्षेत्रों के मजरे,टोलो को स्थानीय स्तर पर स्वशासन प्राप्त हुआ है।अब सुदूर फलिये, मजरे टोलो तक ग्राम सभा गठित होने से निचले स्तर पर छोटी छोटी ग्राम सभा इकाइयों को स्वशासन का अधिकार मिल रहा है। जिले में तेंदूपत्ता संग्रहण से ग्राम सभाओं को आर्थिक लाभ मिल रहा है। साथ ही सिकल सेल, एनीमिया, टीबी जेसी गंभीर बीमारियों से भी ग्राम सभाओं को लगातार जागरूक किया जा रहा है ग्राम सभा में पेसा ब्लॉक समन्वयक विजय गोरे पेसा मोबाइलाइजर ममता रूपेश रोजगार सहायक ग्राम सभा अध्यक्ष पन्नालाल अजय चोयल बबलू चावड़ा मनीष गांगुली भूरी बाई मिना बाई सहित ग्रामीण उपस्थित थे।।