….हेमन्त गर्ग……सेंधवा विधान सभा क्षेत्र में 9 स्थानों पर बनाए जाएंगे पुलिया मप्र ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण ने डीपीआर बनाने के लिए निकले टेंडर । जिसमें सेंधवा विधान सभा क्षेत्र में बहने वाली नदियों पर नव पुलियाओं का होगा निर्माण । अनुसूचित जनजाति आयोग राष्ट्रीय अध्यक्ष ने ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार की समीक्षा बैठक में रखी थी बात । मप्र ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण ने डीपीआर तैयार करने के एजेंसी नियुक्त करने के टेंडर जारी किए गए । जिसमें बहुप्रतीक्षित नकटीरानी की पुलिया भी सम्मिलित है ।
भाजपा प्रवक्ता सुनील अग्रवाल ने बताया कि सेंधवा विधान सभा क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में बहने वाली नदियों में पुलिया के अभाव या क्षतिगस्त व छोटी पुलियाओं से आवागमन में बाधा उत्पन्न करने वाली व अधिक वर्षा होने से मार्ग अवरोध उत्पन होने से आवागमन बंद होने वाली पुलिया व नदियों जिसमें क्षतिगस्त पुलियाओं का पुनः निर्माण कर नई पुलिया के निर्माण हेतु अनुसूचित जनजाति आयोग राष्ट्रीय अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य ने विभाग को पत्र लिखा गया था । इस दौरान 6 मई को ग्रामीण विकास मंत्रालय, नई दिल्ली की समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। उस बैठक अजजा आयोग राष्ट्रीय अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य भी मौजूद थे बैठक के दौरान आर्य ने अपने गृह क्षेत्र की पुलिया की समस्या को रखते हुए पुलिया निर्माण की बात रखी थी । आर्य ने उक्त जानकारी भाजपा जिला उपाध्यक्ष विकास आर्य व भाजपा प्रवक्ता सुनील अग्रवाल को देते हुए बताया कि मेरे गृह क्षेत्र की विधानसभा क्षेत्र में कई नदियों में पूर्व में निर्मित पुलिया क्षतिगस्त होकर जर्जर हो चुकी है साथ ही पुलिया की ऊंचाई कम होने से वर्षों काल में नदी में पानी बढ़ने व बहाव तेज होने से कई बार रास्ते बंद होकर आवागमन बंद होने से आम लोगों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है । इसको लेकर पूर्व में तत्कालीन पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को पुलिया निर्माण की योजना बनाकर दी गई थी । जिसे विभाग के अधिकारियों ने कोई रुचि नहीं ली गई थी । जिसमें बहुप्रतीक्षित देवझिरी रोड से ग्राम नकटीरानी मार्ग पर गोई नदी पर पुलिया को भी सम्मिलित किया गया था । जिससे बाद में कृषि उपज मंडी समिति के मध्यम से बनाने की स्वीकृति प्रदान की गई थी किंतु मंडी के पास फंड नहीं होने से यह पुलिया अधर में लटक गई थी । इसके साथ ही नकटीरानी गोई नदी पर बैराज बन जाने से नहीं में पानी ज्यादा होने व पुलिया नहीं होने से ग्रामीण जन जुगाड की नाव पर जान जोखिम में डालकर नदी पार करते हैं । जिसकी वजह से पुलिया की मांग जोरो से उठने लगी थी । इसके सहित क्षेत्र में 9 स्थानों पर पुलिया का निर्माण किए जाने की मांग की गई थी । समीक्षा बैठक में क्षेत्र की पुलिया के संबंध में पुनः चर्चा करने व मप्र के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव व संबंधित मंत्री से फोन पर चर्चा कर इन पुलियों को मानवीय आवश्यकता को मध्यनजर रखते हुए स्वीकृति प्रदान करने की अनुशंसा की गई थी । बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने मौका स्थिति को देख इसे स्वीकृति देने की बात की गई थी । मप्र ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के पत्र के माध्यम से सभी 9 पुलियाओं के निर्माण हेतु डीपीआर बनाने हेतु टेंडर जारी कर दिए गए है । डीपीआर बनने के बाद तकनीकी स्वीकृति, वित्तीय स्वीकृति मिलने के साथ निर्माण हेतु टेंडर किए जाकर कार्य प्रारंभ होगा ।
जिन नव स्थानों में पुलिया का निर्माण होगा उसमें देवझिरी से नकतीरानी की पुलिया भी सम्मिलित है। जो नई पुलिया का निर्माण होकर करीबन 160 मीटर लंबी पुलिया बनेगी । इसके अतिरिक्त खट्टी से मटियामेल रोड पर कालीकुंडी पुलिया, धवली से पंजलिया रोड पर पंजलिया पुलिया, जामती से खपाड़ा रोड पर खपाड़ा पुलिया, केरमला से रोजानीमाल रोड पर छतरीपड़वा (अरुणा नदी), केरमला से रोजानीमाल रोड पर रोजानीमल पर, खट्टी से मटियामेल रोड पर मटियामेल पुलिया, देवझिरी से पिसनावल रोड पर नाकतीरानी पुलिया, धनोरा से झिरिजमली रॉस पर झिरिजमली पुलिया का निर्माण किया जाएगा ।
क्षेत्र में नव स्थानों पर मप्र ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण द्वारा पुलिया बनाने की खबर पर विकास आर्य ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों को शहर से जोड़ने वाली सड़कों में बाधा जो वर्षा काल व सामान्य स्थिति में भी बाधा आ रही थी पुलिया निर्माण से आवागम सुलभ होकर जनता को राहत मिलेगी । आपने आर्य के साथ मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का भी आभार व्यक्त किया ।