जीतू पटवारी पर हुए हमले के विरोध में प्रदर्शन

****हेमन्त गर्ग******सेंधवा-मुख्यमंत्री मोहन यादव के राज में कांग्रेस नेता जीतू पटवारी पर हुआ हमला, तानाशाही नीतियों और विपक्ष की आवाज दबाने के प्रयासों के खिलाफ आज सेंधवा किला गेट पर कांग्रेसजनों ने ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। इस विरोध का नेतृत्व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सिलदार सोलंकी ने किया।

इस दौरान उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस नेता जीतू पटवारी पर हुआ हमला लोकतंत्र पर सीधा हमला है। यह घटना स्पष्ट करती है कि भाजपा अब राजनीतिक बहस और संवाद से भागकर हिंसा का सहारा ले रही है।

सिलदार सोलंकी ने अपने संबोधन में कहा जीतू पटवारी पर हुआ हमला लोकतंत्र पर हमला है। भाजपा सरकार विपक्ष से डरी हुई है, इसलिए हिंसा का सहारा ले रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को बताना चाहिए कि जब एक वरिष्ठ विपक्षी नेता भी सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा कौन करेगा? मुख्यमंत्री को इस हमले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।

 

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी। यदि दोषियों पर कड़ी और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस प्रदेशभर में उग्र आंदोलन करेगी। लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए कांग्रेस हर स्तर पर संघर्ष के लिए तैयार है।

इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए। नारे लगाते हुए कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान किला गेट पर भारी भीड़ उमड़ी और “लोकतंत्र की हत्या बंद करो”, “मोहन यादव इस्तीफा दो” जैसे नारे गूंजते रहे।

कांग्रेसजनों ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल जीतू पटवारी की सुरक्षा की नहीं है, बल्कि यह पूरे लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई है। जब तक दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलती, तब तक कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन जारी रखेगी।