….हेमन्त गर्ग……मंदिर का महत्व आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक होता है; यह एक पवित्र स्थान है जहाँ लोग दिव्यता से जुड़ते हैं, मानसिक शांति पाते हैं, और समुदाय के साथ उत्सव मनाते हैं. यह धार्मिक अनुष्ठानों के लिए केंद्र होता है, सामाजिक मेलजोल को बढ़ावा देता है, जो धार्मिक आस्था को बढ़ावा देता है । माता के दरबार में मस्तक नमन करने से आत्म शांति का अनुभव होता है । आज विशाल मंदिर प्रांगण में प्रसादालय (मां की रसोई) का शुभारंभ कर वर्षों से चली आ रही अन्न क्षेत्र को बढ़ावा मिल कर श्रद्धालुओं को भोजन प्रसादी ग्रहण में इंतजार नहीं करना पड़ेगा । उक्त बात अजजा आयोग राष्ट्रीय अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य ने बड़ी बिजासन माता मंदिर में बने भव्य प्रसादालय ( मां की रसोई) के भवन का लोकार्पण के अवसर पर व्यक्त किए ।
सेंधवा से 16 किलो मीटर दूरी पर स्थित मां बड़ी बिजासन माता मंदिर पर दर्शन हेतु बाहर के भक्तजनों के लिए अन्न क्षेत्र जो 2005 से चला आ रहा है । जिसका भवन छोटा होने से भक्तों को प्रसादी हेतु इंतजार करना पड़ता था को भव्यता देकर बड़ा प्रसादालय का दो करोड़ की लागत से निर्माण कराया गया । जिसका शुक्रवार को लोकार्पण किया गया । जिसके अतिथि के रूप में अनुसूचित जनजाति आयोग राष्ट्रीय अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य, विशेष अतिथि बसंतीबाई यादव, नपा अध्यक्ष, एस वीरा स्वामी पूर्व जिला अध्यक्ष भाजपा बड़वानी मंदिर के पुजारी ने मंत्रोच्चार के बाद अतिथियों ने रिबन खोल कर उद्घाटन किया । इस दौरान पानसेमल एसडीएम रमेश सिसोदिया, निवाली तहसीलदार, बिजासन समिति के सत्यनारायण मालवीय, नीरज कानूनगो, संजय यादव, अरुण चौधरी, राजेश जोशी, राम महाजन, राहुल पवार, प्रखर शर्मा लला, लाला खेड़े, बिहारी शर्मा, संजय यादव (ट्रांसपोर्ट), सुरेश गर्ग मौजूद थे । इस अवसर पर नपा अध्यक्ष बसंती बाई यादव ने कहा मंदिर वह पवित्र स्थान है जहाँ ईश्वर और मनुष्य का मिलन होता है, जिससे भक्तों को दिव्यता से जुड़ने का अनुभव होता है. मंदिरों का शुद्ध और सकारात्मक वातावरण प्रार्थना और ध्यान के लिए अनुकूल होता है, जिससे मन को शांति मिलती है । मुझे खुशी है कि मां की रसोई प्रसादालय का आज शुभारंभ हो रहा है जहां भक्तों को बड़े हॉल में गरम भोजन प्रसादी ग्रहण करेंगे । एस वीरा स्वामी ने बताया कि 90 बाय 160 स्केयर फिट में दो करोड़ की लागत से निर्मित प्रसादालय मां की रसोई का आज शुभारंभ किया गया ।इस भव्य हाल में एक समय में 600 श्रद्धालु भोजन प्रसादी प्राप्त कर सकते हैं । वर्तमान में 250 श्रद्धालु एक टाइम में भोजन प्रसादी ग्रहण कर सके इस हेतु टेबल कुर्सी की व्यवस्था की गई है । भोजन प्रसादी हेतु आधुनिक मशीनों का उपयोग किया गया है जिससे भोजन सब्जी हर समय गरम रहेगी । जिससे श्रद्धालुओं को भोजन गरमा गरम मिलेगा । इस दौरान अतिथियों ने भोजन शाला का भी निरीक्षण भी किया । नीरज कानूनगो ने बताया कि नव रात्रि में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन हेतु आते है । भक्तों की भीड़ को सुरक्षा की दृष्टि से माता के दर्शन में परेशानी ना हो और ना ही किसी तरह की परिस्थिति निर्मित हो इसके लिए मंदिर पहुंच में ऊपर व नीचे के हाल पूरे भर जाने के बाद श्रद्धालुओं को निरंत्रण हेतु प्रसादालय के पास से एक चढ़ाव ओर निकला गया है जो प्रसादालय से ओर ब्रिज का निर्माण कर ऊपर मंदिर प्रांगण से जोड़ा गया है जिससे भीड़ को नियंत्रित कर आसानी से दर्शन कराया जा सकता है ।
ओवर ब्रिज 10 फिट चौड़ा हो कर करीबन 100 फिट लंबा है
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