….हेमन्त गर्ग…….06 वर्ष की बालिका को “मैगी” लाने के बहाने अपने घर बुला कर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को किया गिरफ्तार
थाना पानसेमल पुलिस ने 06 वर्षीय नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म के गंभीर आरोप में शामिल आरोपी को त्वरित कार्यवाही करते हुए गिरफ़्तार कर भेजा जेल।*
**घटना का विवरण:**
दिनांक 09 अगस्त, 2025 को फरियादी ने थाना पानसेमल में अपनी 6 वर्षीय नाबालिग पुत्री के साथ हुई घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, फरियादी के पड़ोसी **आरोपी पीयूष पिता श्री सचिन जैन (आयु 22 वर्ष), निवासी उत्तर गली, पानसेमल** ने बच्ची को “मैगी” लाने के बहाने अपने घर बुलाया। वहाँ उसने नाबालिग के साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया और घटना किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी।
**पुलिस की कार्यवाही:**
फरियादी की शिकायत पर तत्काल **थाना पानसेमल में अपराध क्रमांक 202/2025** धारा *भारतीय न्याय संहिता (BNS):** धारा 65(2) (बलात्संग), 351(3) (यौन हमला)
* **POCSO अधिनियम:** धारा 5(m)/6 (गंभीर यौन उत्पीड़न)
* **अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम:** धारा 3(2)(va), 3(1)(w)(ii) (अत्याचार के प्रावधान)
मामले की गंभीरता को देखते हुए **पुलिस अधीक्षक, श्री जगदीश डावर** के निर्देशन एवं **अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, श्री धीरज बब्बर** के मार्गदर्शन में अनुसंधान का दायित्व **उप पुलिस अधीक्षक (एसडीओपी), राजपुर श्री आयुष कुमार अलावा** को सौंपा गया।
**थाना प्रभारी, पानसेमल निरीक्षक श्री मंशाराम वगेन** के नेतृत्व में गठित थाना पुलिस टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपी पीयूष जैन को उसके निवास स्थान से गिरफ़्तार कर लिया।
गिरफ़्तार आरोपी को विधिक प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
**सराहनीय योगदान:**
इस त्वरित व सफल कार्यवाही में निम्नलिखित अधिकारियों/कर्मियों का योगदान सराहनीय रहा:
* उप पुलिस अधिक्षक (एसडीओपी), राजपुर – **श्री आयुष कुमार अलावा**
* थाना प्रभारी, पानसेमल – **निरीक्षक श्री मंशाराम वगेन**
* उप निरीक्षक (उनि.) – **श्रीमती रचना तोमर**
* थाना पानसेमल के समस्त स्टाफ सदस्य
**पुलिस अधीक्षक श्री जगदीश डावर** ने इस गंभीर अपराध में त्वरित गिरफ़्तारी के लिए पूरी टीम की सराहना की है। उन्होंने पुनः दोहराया कि नाबालिगों व महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों की जाँच में पुलिस की प्राथमिकता सर्वोच्च रहेगी और ऐसे आरोपियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।