झालावाड़ जिले में हुई घटना की पूर्णाहुति ना हो-आर्य

….हेमन्त गर्ग……क्षतिग्रस्त एवं जर्जर शासकीय भवनों की तत्काल पहचान कर इसके उपयोग पर रोक लगाने तथा इसकी वैकल्पिक व्यवस्था करने हेतु अनुसूचित जनजाति आयोग राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मुख्य सचिव भोपाल व जिला कलेक्टर को निर्देश जारी किया है । ताकि भविष्य में कभी भी राजस्थान राज्य के झालावाड़ जिले में हुई घटना की पूर्णाहुति ना हो ।
प्रवक्ता सुनील अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि राजस्थान के झालावाड़ जिले के एक शासकीय भवन के अचानक ढह जाने से कई निर्दोष विद्यार्थियों की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हुई है यह अत्यंत खेदजनक है । इस दुर्घटना से अनुसूचित जनजाति आयोग राष्ट्रीय अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य बड़े आहट होकर उन्होंने मप्र शासन के मुख्य सचिव साथ साथ बड़वानी जिला कलेक्टर को पत्र के माध्यम से निर्देश जारी किया गया है कि यह घटना हमारे शासकीय ढांचे की सतर्कता एवं संवेदनशीलता के अभाव को दर्शाती है विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां भवन जर्जर अवस्था में है ओर उनका नियमित निरीक्षण नहीं किया जाता है । राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, विशेषकर अनुसूचित जनजाति के बच्चों की सम्पूर्ण सुरक्षा, शिक्षा व समुचित विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है । बड़वानी जिला जहां बड़ी संख्या में जनजाति की आबादी निवास करती है वहां इस प्रकार की घटनाओं की पूर्णाहुति से इनकार नहीं किया जा सकता है । विशेषकर वर्षा ऋतु में, जब पुराने भवन अधिक जोखिमपूर्ण हो जाते हैं । अतः आपको निर्देशित किया जाता है कि जिले में स्थित समस्त शासकीय विद्यालय भवन एवं अन्य सार्वजनिक उपयोग में लाए जाने भवनों का तत्काल सर्वेक्षण एक निर्दिष्ट समयावधि में करवाया जाए । जो भवन जर्जर, क्षतिग्रस्त अथवा असुरक्षित पाए जाएं तत्काल प्रभाव से किसी भी शैक्षणिक अथवा प्रशासनिक गतिविधियों पूर्णतया रोक लगाई जावे उक्त भवनों के विकल्प के रूप में अस्थाई कक्षों, किराए के भवनों अथवा अन्य स्थलों पर व्यवस्थाएं की जावे ताकि शैक्षणिक गतिविधियों में कोई व्यवधान नहीं आवे । इसके साथ ही क्षतिग्रस्त भवनों के स्थान पर नवीन भवन की स्वीकृति व निर्माण की प्रक्रिया अपनाई जाने के निर्देश दिए । आर्य ने बताया कि मैने कई क्षेत्रों का दौरा करने पर जनता द्वारा कई जगह क्षतिग्रस्त भवनों की शिकायत मिलती रहती है । इसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता है ।