मध्यप्रदेश शासन गृह विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन द्वारा नई गाइडलाइंस को लेकर प्रदेश के समस्त कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी
कोरोना वायरस संक्रमण के रोकथाम एवं बचाव हेतु आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए है जिसका सभी को पालन अनिवार्य है जिसमे राज्य शासन द्वारा विभागीय परिपत्र दिनांक 14 जुलाई, 2021 एवं 19 जुलाई, 2021 को जारी किये गये दिशा निर्देशों को यथावत रखते हुए धार्मिक कार्यक्रम एवं त्यौहारों के दृष्टिगत निम्न नवीन अतिरिक्त दिशा निर्देश जारी किये जाते हैं, जो तत्काल प्रभाव से लागू होंगे ।
1. प्रतिमा / ताजिये (चेहल्लुम) के लिए पण्डाल का आकार अधिकतम 30×45 फीट नियत किया जाता है झांकी निर्माताओं को आवश्यक रूप से यह सलाह दी जाये कि वे ऐसी झांकियों की सकें स्थापना एवं प्रदर्शन नहीं करें, जिनमें संकुचित जगह (Constricted space) के कारण श्रद्धालुओं / दर्शकों की भीड़ की स्थिति बनें तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ना झॉकी स्थल पर श्रद्धालुओं / दर्शकों की भीड़ एकत्र नहीं। तथा सोशल डिस्टेसिंग का पालन हो, इसकी व्यवस्था आयोजकों को सुनिश्चित करना होगी ।
2. मूर्ति / ताजिये (चेहल्लुम) का विसर्जन सम्बन्धित आयोजन समिति द्वारा किया जाएगा। विसर्जन स्थल पर ले जाने के लिए अधिकतम 10 व्यक्तियों के समूह की अनुमति होगी। इसके लिए आयोजकों को पृथक से जिला प्रशासन से लिखित अनुमति प्राप्त किया जाना आवश्यक होगा । जिला प्रशासन द्वारा विसर्जन के लिए अधिक से अधिक उपयुक्त स्थानों का चयन किया जाए ताकि विसर्जन स्थल पर कम भीड़ हो । विसर्जन की विकेन्द्रीकृत व्यवस्था पर भी जिला शांति समिति तथा जिला काईसेस मेनेजमेंट कमेटी में भी विचार किया जा सकता है ।
4. कोविड संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए धार्मिक / सामाजिक आयोजन के लिए चल समारोह निकालने की अनुमति नहीं होगी । विसर्जन के लिए सामूहिक चल समारोह भी अनुमत्य नहीं
,लाउड स्पीकर बजाने के सम्बन्ध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी की गई गाईड लाईन का पालन किया जाना अनिवार्य होगा ।
5 सावर्जनिक स्थानों कोविड संकमण से बचाव के तारतम्य a झॉकियों / पण्डालों / विसर्जन के आयोजनों में श्रद्धालु / दर्शक फेस कचर, सोशल डिस्टेसिंग एवं सेनेटाईजर का प्रयोग के साथ ही राज्य शासन द्वारा समय समय पर जारी किये गये निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जावे ।पर
उपरोक्त निर्देशों के कड़ाई से पालन किये जाने हेतु कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारियों द्वारा अपने अपने क्षेत्राधिकार में विधि अनुरूप धारा 144 दण्ड प्रक्रिया संहिता अथवा अन्य विधान अनुरूप नियमानुकूल कार्यवाही सुनिश्चित की जावे ।उक्त दिशा निर्देश आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेंगे ।