ऑनलाइन गेमिंग पर आये बड़े आदेश पर बी एल जैन ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया दिया धन्यवाद जैन ने उठाई थी आवाज

….हेमन्त गर्ग…….सेंधवा-देश के नौनिहालो को बर्बादी की ओर ले जाने वाले ऑनलाईन मनी गेम्स पर रोक लगाने वाले बिल को लोकसभा एवं राज्यसभा ने पारित कर दिया। निश्चित ही देश के लिए यह महत्वपुर्ण विधेयक पास हुआ है। जिसकी आम जनता मे व्यापक सकारात्मक प्रतिक्रिया हुई है।
यह विधेयक पारित होने पर सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता बी.एल. जैन ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र प्रेषित कर आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद प्रेषित किया है। श्री जैन ने पत्र मे लिखा है कि मेरे द्वारा दिसंबर 2021 से ही आपके कार्यालय को पत्र प्रेषित कर देश के नौनिहालो एवं युवा पीढी के भविष्य को ध्यान मे रखते हुए ऑनलाईन गेमिंग पर प्रतिबंध लगाने अथवा इसके नियमन के लिए कानुनी प्रावधान लागू किए जाने की सतत् मांग की जा रही थी। आपने पत्र मे लिखा की मेरे पत्रो के प्रत्युत्तर मे आपके कार्यालय से मुझे 24 अगस्त 2022 को एक पत्र प्रेषित कर अवगत कराया गया था कि ‘‘सरकार भारत मे उपलब्ध ऐसे ऑनलाईन गेमिंग, जुआ, सट्टेबाजी आदि की बढाती संख्या प्रासांगिक जोखिमो, उपयोगकताओ को नुकसान, वित्तिय नुकसान, संभावित लत, कुछ राज्यो द्वारा ऑनलाईन स्पेस मे कानुनो की एकरूपता सहित चुनौतियों से अवगत है। इस संबंध मे सरकार इस उद्योग के नियमन के लिए एक संभावित रोड़मेप विकसित करने की प्रक्रिया मे हैै। इसके अलावा सुचना और प्रसारण मंत्रालय ने ऑनलाईन गेमिंग और सट्टेबाजी के विज्ञापनो पर सलाह दी है जो कुछ सावधानियों का पालन करने पारदर्शिता का अभ्यास करने एवं उपभोक्ताओं की सुरक्षा निर्धारित करता है, परामर्श की प्रतियां संलंग्न प्रेषित है। इसके अलावा किसी विशिष्ट घटना के मामले को उपयुक्त कार्यवाही के लिए राष्ट्रीय सायबर अपराध रिपोर्टींग पोर्टल पर रिपोर्ट किया जा सकता है।’’ इसके बाद पुनः ईमेल किए गये तो फिर प्रधानमंत्री कार्यालय से प्रतिउत्तर प्राप्त हुए ।
श्री जैन बताया कि उनके द्वारा 05 जुन 2022 से प्रतिदिन प्रधानमंत्री कार्यालय को एक पत्र उनके कार्यालय से ईमेल के माध्यम से प्रेषित किया जाता था प्रतिदिन किसी जनप्रतिनिधी, सामाजिक कार्यकर्ता, शहर के नागरिक, विद्यार्थी, शिक्षको से हस्ताक्षर करवाकर सतत् ये पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय को प्रेषित किए जा रहे थे। समय-समय पर पॉम्पलेट के माध्यम से जन-जागरण अभियान भी मेरे द्वारा चलाया जाता रहा है। इसके अलावा देश के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, केन्द्रीय गृहमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, विभिन्न प्रदेशो के मुख्यमंत्री सांसदो एवं आरएसएस के सरसंघ चालक मोहन भागवत, गायत्री परिवार के मुखिया डॉ प्रणव पंडया, श्री श्री रविशंकर जी, ब्रह्माकुमारी दीदी सहित देश की अनेक जानीमानी हस्तियों को पत्र प्रेषित किए जाकर सरकार पर दबाव बनाने का अनुरोध किया गया साथ ही देश की सर्वोच्च अदालत के मुख्य न्यायाधिपति को भी ‘‘पत्र याचिका’’ विस्तृत रूप से तैयार कर प्रेषित की गई एवं अनेक मंचो के माध्यम से इस विषय को उठाया गया। श्री जैन ने कहा कि जब 20 अगस्त को लोकसभा मे यह बिल पारित हुआ तो उन्हे बेहद प्रसन्नता हुई। निश्चित ही देश के प्रधानमंत्री ने यह महत्वपुर्ण एवं देशहित का बिल कड़े नियमो के साथ जो बनाया है वह देश की युवापीढी को बर्बादी की कगार पर जाने से सुरक्षित करेगा।