….हेमन्त गर्ग………..भोजशाला को वाग्देवी मंदिर मानने के हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत, सनातनी समाज में हर्ष*
सेंधवा । धार की बहुचर्चित भोजशाला को लेकर हाईकोर्ट द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण फैसले में भोजशाला को वाग्देवी मंदिर मानने पर सनातनी हिंदू धर्मप्रेमियों में हर्ष का माहौल व्याप्त हो गया। फैसले की जानकारी मिलते ही विभिन्न समाजों के लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं तथा धार्मिक आस्था के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर खुशी मनाई।
अग्रवाल समाज के सुनील अग्रवाल ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि लंबे समय से समाज के लोगों को इस निर्णय का इंतजार था। सुबह से ही सभी की निगाहें कोर्ट के फैसले पर लगी हुई थीं। जैसे ही फैसला आया, सनातनी समाज के लोगों में उत्साह का वातावरण बन गया और विभिन्न समाजों के ग्रुपों में एक-दूसरे को बधाइयां देने का सिलसिला शुरू हो गया।
उन्होंने बताया कि समाजजनों द्वारा संध्या समय अपने-अपने घरों एवं आंगनों में 5-5 दीपक जलाकर खुशी व्यक्त करने का आग्रह किया गया। इसी क्रम में अग्रवाल समाज द्वारा श्री सत्यनारायण मंदिर परिसर में 11 दीपक, राम मंदिर, जलाराम मंदिर में दीपक प्रज्ज्वलित कर फैसले का स्वागत किया गया तथा धार्मिक वातावरण में प्रसन्नता व्यक्त की गई।
मारवाड़ी ब्राह्मण समाज के बद्रीप्रसाद शर्मा ने भी फैसले पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह सनातन संस्कृति और आस्था से जुड़ा विषय रहा है। उन्होंने सभी समाज बंधुओं से अपील करते हुए कहा कि खुशी के इस अवसर पर किसी भी प्रकार की अप्रिय टिप्पणी या उत्तेजनात्मक व्यवहार से बचें तथा सामाजिक सौहार्द और शांति बनाए रखें।
फैसले के बाद नगर में कई स्थानों पर लोगों ने दीप जलाकर एवं एक-दूसरे को शुभकामनाएं देकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। समाजजनों ने इसे आस्था और विश्वास से जुड़ा ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए शांतिपूर्ण तरीके से खुशी मनाने का संदेश दिया।