….हेमन्त गर्ग…….सेंधवा-एकल अभियान ओर श्रीहरि नगर कथा योजना के तत्वाधान आयोजित श्री रामकथा के तृतीय दिवस की श्री राम कथा में सुश्री गीता किशोरी ने कहा कि भक्ति भजन ,पूजा पाठ,तीर्थयात्रा बुढ़ापा में नहीं वल्कि जवानी में ही कर लेना चाहिया क्यों कि ना जाने व्यक्ति का कब अंत हो जाये,धन अर्जन करना ठीक है परन्तु धन के साथ साथ भगवान भजन, भक्ति दान दया आदि को भी करते जाना चाहिए यही मानव जीवन है। आज
राम जन्म प्रसंग में गीता किशोरी ने कहा कि”जब जब होई धरम की हानि।
बाढहिं असुर अधम अभिमानी॥
करहिं अनीति जाइ नहिं बरनी।
सज्जन बिकल करहिं बिप्र धरनी॥”
यानी कि जब-जब धर्म की हानि होती है और अधर्म बढ़ता है, अभिमानी और नीच असुर बढ़ने लगते हैं। वे ऐसी अनीतियाँ करते हैं जो वर्णन नहीं की जा सकतीं, सज्जन लोग व्याकुल हो जाते हैं और ब्राह्मणों सहित धरती व्यथित होती है।”
तब तब प्रभु धरा धाम पर अवतरित होते है।
धर्म की रक्षा और अधर्म के विनाश के लिए ही प्रभु अवतार लेते है।
असुर के अत्याचार से धरती माता गौ का रूप धारण कर प्रभु के पास प्रार्थना करने जाती है।प्रभु आज मृत्युलोक संकट में है आओ उद्धार करो।
वर्तमान समय प्रति दिन अनगिनत गो हत्या हो रही है
इसका दोषी कोई दूसरा नहीं वल्कि हम सभी है।
जब तक गौ माता दूध देती है तब तक पालन पोषण करते है और बूढ़ी होने पर बेच देते कदापि नहीं बेचनी चाहिए।
हम सभी का मां हमे जन्म देती है दूध पिलाती है मात्र तीन चार वर्ष।
गौ माता तो आजीवन दूध पिलाती है।
हम अपनी को मां को बुढ़ापे में सेवा करते है बेचते नहीं।
तो गौ माता को क्यों बेचना।
गौ माता में 33 कोटि देवता का निवास है।
इस गोपाल के भूमि पर गौ हत्या से हृदय कांप उठता है।
*जब गौ माता बिकेगी नहीं*
*तो कटेगी कैसे*
अतः हम सभी गौ रक्षक बने गौ भक्षक नहीं।
आज के समय में हम अपने बच्चों को राम जैसा संस्कार दे न कि रावण जैसा।
इसके लिए बच्चों को भी मंदिर,कथा ,भगवत भजन में लाना अनिवार्य है।
संस्कार नहीं तो सनातन नहीं।
आज राम जन्म बधईयां भजन में सभी श्रोता बंधु मस्ती में झूम उठे।ऐसा लग रहा था मानो सेंधवा ही अयोध्या धाम है सेंधवा एकल अभियान के अध्यक्ष गोपाल तायल ने एकल संस्था के कार्यों पर प्रकाश डालते हुवे कहा कि एकल अभियान की स्थापना 1989 में हुई जिसके प्रमुख उद्देश प्राथमिक शिक्षा आरोग्य शिक्षा ग्राम विकास स्वाभिमान जागरण संस्कार शिक्षा सेंधवा अंचल में 200 से अधिक एकल विद्यालय हे जिसमें लगभग 5000 बच्चे लाभ ले रहे हे एक विद्यालय को एक वर्ष तक गोद लेने पर 22 हजार रुपए का खर्च हेऔर एक छात्र को गोद लेने का खर्च 700 रुपए हे आज दो लोगों ने एक साल के लिए एक एक विद्यालय को गोद लेने की घोषणा कीआज कथा में नगर पालिका अध्यक्ष बसंतीबाई यादव डाक्टर एसोसियन के डॉ अतुल पटेल डॉ गिरीश कानूनगो डॉ प्रतीक चोपड़ा डॉ आशुतोष शर्मा डॉ सुमित भट्ट डॉ अर्चना पटेल डॉ विनोद कदम डॉ राजेश सोनी ओर महेश्वरी समाज सेंधवा आदि ने कथा वाचक गीता किशोरी जी का शाल श्रीफल माला पहनाकर अभिनंदन किया आज के प्रसाद दाता। डॉ किरण मनीषा तावड़े थी