राम कथा का भव्य भक्ति रंग डूबा सेंधवा भक्त मंडल

….हेमन्त गर्ग……आज सेंधवा के किले अंदर मंडी शेड प्रांगण में द्वितीय दिवस की कथा प्रसंग में सुश्री गीता किशोरी ने कहा की जो माताएं चैत्र माह के तृतीय तिथि को सौभाग्य शुचक वस्तु को दान करती वो सात जन्मों तक अखंड सौभाग्यवती होती।
वो आठ वस्तु इस प्रकार से है
कुमकुम,फूल,चंदन,ईख, काजल,तांबूल,लौंग तथा जीरा। साथ ही शिव बारात की महिमा बताते हुए कहती है कि शिव ही है जो अपने बारात में सभी को आमंत्रित किए है ऋषि मुनि,देवता दानव, भूत प्रेत आदि यानि शिव समाज सभी को अपना माने अतः सभी को आमंत्रित किए है सरसता का भाव यदि सीखना है तो भोले बाबा से सीखो।
जिसके पास आज कुछ नहीं यानी वनवासी समाज सम्पूर्ण वनवासी को अपने बारात में ले गए सभी को गले लगाया। इस अवसर पर आज यही प्रेम हम सभी सेंधवा वासियों को वनवासियों भाईयों से करना होगा तब जाके भारत हिन्दू राष्ट्र होगा।
आज की शिव विवाह कथा प्रसंग के भजनों में सभी भक्त मस्ती में झूम उठे।वही पार्वती माता के विदाई समय में माता मैना कहती है कि ससुराल में ऐसा कोई भी गलत कार्य न करना जिससे
माता,पिता, समाज,और देश को अपमानित नहीं होना पड़े आज इस अवसर पर एकल अभियान अध्यक्ष गोपाल तायल सचिव पंकज झवर हरिकथा सत्संग समिति के अध्यक्ष गिरधारी लाल जी गोयल सचिव निलेश जैन कोषाध्यक्ष राजेंद्र नरेडी,एकल महिला समिति अध्यक्षा निशा शर्मा,अंचल समिति सदस्य प्रेमचंद सुराना, बबलू शर्मा गौतम गुप्ता, दिलीप झवर, नन्द किशोर भूतड़ा, विष्णु सिंहल , अजय झवर , भूषण जैन अर्पित तायल नवरत्न माहेश्वरी,महेंद्र परिहार सौरभ तायल के साथ ही अंचल अभियान प्रमुख रामसिंह की उपस्थिति रही। शिव पार्वती विवाह में पाटिल समाज द्वारा प्रसाद वितरित किया आज कथा के पश्चात प्रसाद दाता अग्रवाल समाज सेंधवा थे